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सिबिसीएस सिस्टम से विद्यार्थियों को हो रही परेशानी

Amit Keshri Aug 13th, 2016

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पुरे झारखण्ड बिहार में एक मात्र विनोबा भावे विश्वविद्यालय में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सिबिसीएस) लागु से विद्यार्थियों को कई परेशानियाँ का सामना करना पड़ रहा है | एक जून से उक्त पद्धति के तहत सभी कॉलेजे में नामाकन प्रक्रिया होनी थी लेकिन अभी जुलाई में ऑनलाइन आवेदन के तहत नामांकन चल रहा है विश्व विद्यालय ले गड़बड़ी के कारण कई विद्यार्थी ऐसे है जिनका नाम सूचि में निकला ही नहीं है ऐसे में सीबीसीएस सिस्टम फ़ैल होता नजर आ रहा |

विश्वविद्यालय को सिबिसीएस से शिक्षकों और विधार्थियों दोनों को जानकारी देना था वो भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया | विश्वविद्यालय ने इस मामले में अब तक सिर्फ कोरम पूरा किया है | सिबिसीएस के तहत इंटर पास अभ्यर्थी फर्स्ट सेमेस्टर में नामांकन लेंगे, इन्हे सिबिसीएस से अवगत करना था | लेकिन कोई प्रक्रिया नहीं समझ आ रहा कॉलेजो ने स्नातक पार्ट टू और थ्री के विध्यार्थियो को कार्यशाला में शिक्षकों के साथ बुलाकर जानकारी देने का कोरम पुर कर डाला | इंटर सेकंड ईयर के विधार्थियो इस नए सिस्टम में अजनबी महसूस कर रहे और अपने भविष्य का चुनने में भी परेशानी हो रही | सिबिसीएस की बारीकियों को इन्हें समझाया जाना था, फिर भी विश्वविद्यालय चुपी साध अपनी मनमानी करती नजर आ रही | वर्तमान में थ्री ईयर डिग्री कोर्स के पार्ट टू और थ्री में पढ़ रहे विधार्थी अपना पाठ्यक्रम पुरानी पध्दति से ही पूरा करेंगे | इन्हें सिबिसीएस के स्नातक पाठ्यक्रम की जानकारी देना बेकार है | ऐसे विधार्थियो को सिबिसीएस के पीजी पाठ्यक्रम की जानकारी दी गई होती तो उन्हें निश्चित रूप से लाभ होता |

शिक्षको और विद्यार्थियों किसी को सिलेबस नहीं समझ आ रहा

वीभावी ने सिबिसीएस के लिए तैयार किए गए सिलेबस को जारी तो कर दिया है, लेकिन इसकी पूरी जानकारी अभी भी कई कॉलेज के विद्यार्थियों को नहीं समझ आता | | विश्वविद्यालय के प्रावधानों के मुताबिक तैयार सिलेबस को एक्सपर्ट के पास करने के बाद उसे एकेडेमिक काऊंसिल से पारित होने के बाद तैयार किया गया था जो बिलकुल नए पैटर्न पर आधारित है उसे शिक्षकों को समझना था

नामांकन में भी हो रही भारी गड़बड़ी

सिबिसीएस के तहत स्नातक के विषयों में सिमित सीटों पर नामांकन लिया जाएगा | ऑनलाइन आवेदन के तहत नामांकन ने तो कई छात्रों को अपनी सूचि से निकाल फेंका है, पहले सारा कुछ कॉलेज के द्वारा किया जाता था लेकिन अब सब विश्वविद्यालय के हाथो में है | कॉलेजों में छात्रों के साथ सीटों की संख्या की सुचना कॉलेजों के प्राचार्य डॉ बिपि सिंह ने बताया की विश्वविद्यालय सीटों की संख्या निर्धारित कर रही है और इसका जवावदेही विभावी की है | कॉलेज प्रबंधन का कहना है सीटों की जानकारी किसी नहीं दी गई है | यही स्थिति एफिलिएटेड कॉलेजों की भी है | कॉलेजों को कोई सुचना नहीं है सिबिसीएस के बारे में |

बिना संसाधन विवि लागु न करे सिबिसीएस

विश्वविद्यालय बिना तैयारी व आवश्यक संसाधन के चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सिबिसीएस) लागु न करे. इसे लागु करने के लिए पहले सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली जाये. शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव ने यह निर्देश वुधवार को राज्य के विवि के कुलपतियों के साथ हुई बैठक में शामिल विवि के कुलपतियों ने भी इस पर सहमती जतायी. राज्य में फिलहाल विनोबा भावे विवि में सिबिसीएस सिस्टम लागु है. रांची विवि व कोल्हान विवि में भी इसे लागु करने की तैयारी चल रही है, शिक्षा मंत्री ने खा की विवि में सिबिसीएस सिस्टम लागु करने से पूर्व विधार्थी, प्राचार्यों व शिक्षकों से बात की जायेंगी. उनका पक्ष सुना जायेगा. इसके लिए सरकार अलग – अलग विवि के शिक्षकों व विधार्थियो से बात करेगी|

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